कोरोना वायरस विश्वव्यापी महामारी का रूप ले चुका है। यह लाजमी है कि हम इसकी व्यापकता को समझते हुए बचने के लिए पहले से ही अलर्ट हो जाएं। कोरोना से बचने के लिए न केवल स्वयं जागरूक रहें बल्कि अपने आसपास, परिजनों, पड़ोसियों और रिश्तेदारों को भी जागरूक करें।

यह बात कलेक्टर श्रीमती रुचिका चौहान तथा पुलिस अधीक्षक श्री गौरव तिवारी ने शहर के व्यापारियों की बैठक में कही। एडीएम श्रीमती जमुना भिड़े, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्री सुनील पाटीदार, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक डॉ. इंद्रजीत बाकलवार तथा विभिन्न व्यापारिक संगठनों के पदाधिकारी सदस्य बैठक में मौजूद थे। कलेक्टर ने कहा कि कोरोना के मामले में हिस्ट्री बहुत महत्वपूर्ण है। यदि कोई व्यक्ति विदेश से आया है या ऐसे व्यक्ति के संपर्क में रहा है जो कोरोना से संक्रमित रहा हो तो उसके संपर्क में आने वाले व्यक्ति की सूचना जिला स्वास्थ्य विभाग को अनिवार्य रूप से देवें।

कलेक्टर ने बैठक में कहा कि हमने, आपने अपने पूरे जीवन में कभी यह नहीं देखा कि स्कूल-कॉलेज बंद कर दिए गए हो। इसी से कोरोना की घातकता को समझा जा सकता है। कलेक्टर ने व्यापारियों से कहा कि दुकानों पर अनावश्यक भीड़ नहीं हो, आने वाले ग्राहकों के बीच पर्याप्त दूरी रहे। अपनी दुकानों पर सैनिटाइजर रखें या साबुन से हाथ धुलाने की व्यवस्था करें। खासतौर पर दुकान के काउंटर तथा ग्राहकों के बैठने की कुर्सियों पर सैनिटाइजर का छिड़काव करें। कलेक्टर ने यह भी कहा कि स्कूल, कॉलेज, कोचिंग आदि बंद किए गए हैं, इसका मतलब यह नहीं है कि घर वाले और बच्चे कहीं बाहर पिकनिक मनाएं बल्कि अपने घर पर ही रहे। कोरोना की घातकता को समझे, अपने आसपास में उन लोगों की जानकारी भी जिला प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग को दे जो बाहर से आए हैं।

कलेक्टर ने कहा कि हमारा जीवन बहुत महत्वपूर्ण है पैसे का प्रॉफिट नहीं। इसलिए व्यापारी गंभीरता और सावधानियां बरतें। हम अगर आगामी 15 से 20 दिन सावधानी बरत लेंगे, एक दूसरे से संपर्क में पर्याप्त दूरी, समय-समय पर हाथ धुलाई, मास्क का उपयोग, सैनिटाइजर का छिड़काव, आदि सावधानियां बरत लेंगे तो कोरोना वायरस की चैन को तोड़ देंगे। कलेक्टर ने कहा कि 15 से 20 दिनों तक हमें सार्वजनिक रूप से एकत्रित होने से बचना है। ऐसा करने से हम कोरोना की चेन को तोड़ सकेंगे। सार्वजनिक बगीचों में नहीं जाएं, सार्वजनिक बगीचों को बंद किया जा रहा है। दुकानों पर अनावश्यक रूप से खड़े नहीं रहे।

जनता कर्फ्यू के दौरान दूध और दवाइयों की उपलब्धता
व्यापारियों की बैठक में उपस्थित व्यापारियों ने कहा कि वे प्रशासन के साथ कंधे से कंधा मिलाकर कोरोना वायरस से बचाव के लिए हरकदम उठाने को तैयार हैं। कलेक्टर ने बताया कि जनता कर्फ्यू के दिन 22 मार्च को कुछ दवाइयों की दुकान चिन्हित की जाएगी जहां से आवश्यक दवाइयां उपलब्ध हो सकेंगी। फोन पर भी दवाइयां उपलब्ध कराने की व्यवस्था की जा सकती है। दूध विक्रेताओं के लिए भी समय निश्चित किया जाएगा। कलेक्टर ने आग्रह किया कि जनता कर्फ्यू के दौरान 22 मार्च को व्यापारी अपनी दुकान के मजदूर या कर्मी के वेतन में कटौती नहीं करें। इसके साथ ही मजदूर वर्ग से भी अपील की गई है कि 22 मार्च रविवार को शहर में नहीं आए।

कैक्टस गार्डन तथा धोलावाड़ में आगमन प्रतिबंध
कलेक्टर श्रीमती रुचिका चौहान ने बताया है कि कोरोना वायरस के मद्देनजर सैलाना का प्रसिद्ध कैक्टस गार्डन तथा रतलाम के समीपस्थ धोलावाड़ इको टूरिज्म स्थल पर व्यक्तियों का आना प्रतिबंधित कर दिया गया है।