जावरा/पिपलौदा। पिपलौदा तहसील क्षेत्र के गांव आंबा में एक धर्मशाला के निर्माण के दौरान की गई खुदाई में जैन तीर्थंकरों की प्राचीन मूर्तियां निकलीं। एक मूर्ति बुधवार को निकली थी। इसके बाद प्रशासन ने काम रुकवा दिया था। शुक्रवार को एसडीएम की मौजूदगी में फिर से खुदाई की गई तो दो और मूर्तियां निकलीं। इन्हें पिपलौदा थाने में रखवाया। पुरातत्व विभाग ने इसकी जांच शुरू कर दी है। जांच पूरी होने के बाद ही धर्मशाला का निर्माण शुरू हो सकेगा।
पिपलौदा तहसीलदार अंजलि गुप्ता ने बताया ग्राम आंबा में कुमावत समाज की धर्मशाला बन रही है। 16 दिसंबर को धर्मशाला के बाहर कमरे बनाने के लिए नींव खोदी जा रही थी, तभी एक मूर्ति निकली थी। ग्रामीणों ने इसकी सूचना थाने पर दी थी। फिर एसडीएम अनूपकुमार सिंह ने मौके पर जाकर काम रुकवा दिया था। राजस्व निरीक्षक भीमसिंह खराड़ी ने बताया शुक्रवार दोपहर 2 बजे एसडीएम सिंह दोबारा मौके पर गए और खुदाई शुरू करवाई।
गेंती-फावड़े से खुदाई नहीं हुई तो जेसीबी बुलवाई और पुरातत्व विभाग अधिकारियों की मौजूदगी में उसी जगह दोबारा खुदाई शुरू की जहां से बुधवार को एक मूर्ति निकली थी। शुक्रवार को करीब डेढ़ घंटे चली खुदाई के दौरान मौके से दो बड़ी मूर्तियां और निकलीं। ये जैन तीर्थंकर भगवान महावीर स्वामी की बताई जा रही हैं। मौके से कुछ और प्राचीन शिलाएं भी निकली हैं।
थाने में सुरक्षित रखवाया
आरआई खराड़ी ने बताया सभी प्रतिमाओं और शिलाओं को पिपलौदा थाना परिसर में सुरक्षित रखवा दिया है। पुरातत्व विभाग को इसकी जांच सौंपी है। विभाग के अधिकारी जांच करेंगे। इसके बाद ही स्पष्ट होगा कि प्रतिमाएं कितनी पुरानी हैं। जरूरी हुआ तो मौके पर और भी खुदाई की जा सकती है।
आरआई खराड़ी ने बताया सभी प्रतिमाओं और शिलाओं को पिपलौदा थाना परिसर में सुरक्षित रखवा दिया है। पुरातत्व विभाग को इसकी जांच सौंपी है। विभाग के अधिकारी जांच करेंगे। इसके बाद ही स्पष्ट होगा कि प्रतिमाएं कितनी पुरानी हैं। जरूरी हुआ तो मौके पर और भी खुदाई की जा सकती है।
गुरुवार को इस संबंध में जैन समाज ने रतलाम जाकर कलेक्टर बी. चंद्रशेखर को ज्ञापन देकर मूर्तियां समाजजन के सुपुर्द करने के लिए कहा था लेकिन प्रशासन का कहना है जांच के बाद मामले में कुछ हो सकेगा। पुरातत्व विभाग के अधिकारी पी.एन. शुक्ला ने शुक्रवार से जांच शुरू कर दी। इसे पूरा होने में हफ्ताभर लग सकता है।