गुरु के सान्निध्य के बिना जीवन में कभी भी सफलता संभव नहीं है। 12 वर्ष में माता-पिता के वियोग के बाद रामरतन गुरु की खोज करते हुए दादा गुरुदेव श्री राजेंद्र सूरीश्वरजी से मिले और उनका शिष्यत्व स्वीकार किया। गुरुदेव श्री यतींद्र सूरीश्वरजी ने दीक्षा पश्चात अनेक शान्नें का अध्ययन किया तथा गुरुगच्छ की गरिमा व प्रभावना के कई कार्य किए।

यह बात लोकसंत विजय जयंतसेन सूरीश्वरजी ने अपने गुरु श्रीमद् विजय यतींद्र सूरिजी के जन्म जयंती के उपलक्ष्य में आयोजित गुणानुवाद सभा में कही। उन्होंने कहा गुरुदेव श्री यतींद्र सूरीश्वरजी ने अनेक समस्याओं का समाधान शान्न् प्रमाणों से किया है। रतलाम से भी गुरुदेव के अनेक पहलू जुड़े हुए हैं। पितांबर विजेता की पदवी व 17 वर्षों के परिश्रम द्वारा श्री अभिधान राजेंद्र कोष का प्रकाशन भी रतलाम से उन्होंने किया था। मोहनखेड़ा का तीर्थोद्धार भी उन्हीं के श्रम का सुफल है। गुरुदेव का जीवन अनुशासन से भरा हुआ था। वे बहुत ही निर्भीक एवं सशक्त संयमी थे, अनेक ग्रंथों का आलेखन भी उनकी कलम से हुआ था।

विजयजी ने कहा कि गुरुदेव यतींद्र सूरीश्वरजी ने प्रथम चातुर्मास रतलाम में किया। उनकी प्रथम पुस्तक का प्रकाशन भी यहीं से हुआ। मुनिराज निपुणर| विजयजी ने कहा कि शिष्य की प्रतिभा उनके गुरु की प्रभावकता को बताती है। अभिधान राजेंद्र कोष का प्रकाशन, अ.भा. श्री राजेन्द्र जैन नवयुवक परिषद की स्थापना एवं आचार्यश्री जयंतसेन सूरीश्वरजी जैसे शासन प्रभावक, गच्छाधिपति ये तीन महान उपकार गुरुदेव के हैं। मुनिश्री पवित्रर| विजयजी ने कहा कि श्री यतींद्र सूरीश्वरजी ने संघ को बहुत कुछ दिया है। इसमें से हमें जो भी मिला, वह उनका ही प्रभाव है। हमारे गुरुदेव ने उनके गुरुदेव से जो भी प्राप्त किया, वह हमें सिखाया है। चातुर्मास आयोजक व राज्य योजना आयोग उपाध्यक्ष चेतन्य काश्यप परिवार द्वारा गुरुमंदिर में श्री यतींद्र सूरीश्वरजी की अष्टप्रकारी पूजन पढ़ाई गई। दादा गुरुदेव व यतींद्र सूरीजी की आरती का लाभ छबिदास, भाईचन्द धरु परिवार पेपराल ने व वासक्षेप पूजा का लाभ सुरेशचंद्र, राजेश कुमार, संजय कोचर परिवार रतलाम ने लिया। अलवर, दिल्ली, सूरत, थराद, पेपराल श्रीसंघ के गुरुभक्तों ने भी लोकसंत के दर्शन-वंदन कर आशीर्वाद लिया।

आयोजक चेतन्य काश्यप का अभिनंदन मंगलवार को रतलाम जिला व्यापारी महासंघ द्वारा अध्यक्ष बाबूलाल राठी के नेतृत्व में किया गया। गोपाल राठी, शांतिलाल उपाध्याय, महेन्द्र चौहान, रमेश चोथियानी आदि उपस्थित थे। इसी प्रकार श्रीमद् भागवत गीता पर्व सप्ताह ट्रस्ट बोर्ड (मारवाडी स्वर्णकार समाज) के पदाधिकारियों ने संस्थापक अध्यक्ष नवनीत सोनी के नेतृत्व में काश्यप का अभिनंदन किया। ट्रस्ट के मोहनलाल मिंडिया, जगदीशचंद्र भामा, संजय अग्रोया आदि उपस्थित थे।

 

By parshv