पुलिस व जिला प्रशासन की टीम ने कलेक्टर और एसपी के नेतृत्व में शुक्रवार को जिला जेल का आकस्मिक निरीक्षण किया। इस दौरान जेल की सुरक्षा व्यवस्थाओं का जायजा लिया। ज्यादातर बंदियों के पास सेंव के पैकेट मिले। कुछ के पास बीड़ी व सिगरेट भी मिली। कलेक्टर ने बताया चैकिंग में कोई आपत्तिजनक वस्तु नहीं मिली। सुरक्षा संबंधी कमियां दूर करने के लिए प्रस्ताव जेल मुख्यालय भेजेंगे।

शुक्रवार दोपहर करीब डेढ़ बजे कलेक्टर बी. चंद्रशेखर व एसपी अविनाश शर्मा, एएसपी डॉ. प्रशांत चौबे की मीटिंग हुई। इसके बाद डिप्टी कलेक्टर अनिल भाना, सीएसपी विवेकसिंह चौहान, एसडीओपी संजीव मूले, टीआई राजेश चौहान व अजय सारवान को भी बुला लिया। सब इंस्पेक्टर सहित 35 अधिकारियों की टीम लेकर कलेक्टर व एसपी जिला जेल पहुंचे। रजिस्टर में आमद दर्ज कराने के बाद जेल के अंदर का गेट खुलवाया और एक साथ 24 बैरकों की चैकिंग शुरू कर दी।

बंदियों के पास सेंव और बीड़ी-सिगरेट मिलने पर पूछताछ की तो जेल अधीक्षक रमेशचंद्र आर्य ने कलेक्टर को बताया त्योहार के कारण मिलने आए परिजन बंदियों को मिठाई व नमकीन दे गए हैं। इसलिए अधिकतर के पास सेंव मिली। जेल मैन्युअल में संशोधन के बाद बीड़ी-सिगरेट रखने की अनुमति है। कलेक्टर ने अलग से स्मोकिंग जोन बनाने के निर्देश दिए। उन्होंने मीडिया को बताया सामान्य निरीक्षण था। जेल में क्षमता से अधिक बंदी हैं और स्टाफ कम। सुरक्षा संबंधी कुछ कमियां दिखीं जिन्हें दूर करने प्रस्ताव प्रदेश मुख्यालय भेजेंगे।

ये भी दिए निर्देश- निरीक्षण के दौरान जेल की दीवारों का प्लास्टर उखड़ा मिला। कलेक्टर ने दीवारों पर इलेक्ट्रिक सॉकेट हटाने, सजायाफ्ता बंदियों से कारपेंटरी का काम करवाने व दीवार से लगा टीन शेड हटाने के निर्देश दिए।

पेयजल टंकी व वाच टॉवर बनेगा, बंदियों पर नजर रखने 22 सीसीटीवी कैमरे लगेंगे

जेल अधीक्षक आर्य ने कलेक्टर को बताया जून में प्रदेश मुख्यालय को 66 लाख रुपए के प्रस्ताव भेजे थे। कैदियों पर नजर रखने के लिए सेंटर पाइंट पर वाच टॉवर व पेयजल टंकी बनाने की स्वीकृति मिली है। पीएचई विभाग निर्माण एजेंसी है। विभाग के चीफ इंजीनियर का पत्र अभी रतलाम नहीं पहुंचा है। पत्र मिलते ही प्रशासकीय स्वीकृति लेकर टेंडर जारी किए जाएंगे। जेल के बीच एक हॉल बनेगा जिससे अन्य बैरक जुड़े रहेंगे। दिन में बंदी इसी हॉल से होकर गुजर सकेंगे जिससे उनपर नजर रखना और आसान होगा। जेल में 22 सीसीटीवी कैमरे लगाए जाएंगे।

481पुरुष व 22 महिला सहित 503 बंदी हैं। 61 सजायाफ्ता पुरुष व 5 महिला हैं।

26 बैरक हैं एक में भोजन व एक में स्कूल संचालित है। बाकी कैदी हैं।

By parshv