तीन करोड़ से हल होगी बिजली ओवर लोड की समस्या

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मध्यप्रदेश विद्युत कंपनी की विद्युत सप्लाई व्यवस्था एक साल में बेहतर होगी। इसके लिए करीब 3 करोड़ की लागत से क्षमता वृद्धि के लिए ट्रांसफार्मर के साथ ही लाइन में क्षमता वृद्धि का काम किया जाएगा। इसके साथ ही सेजावता में नया विद्युत उपकेंद्र भी स्थापित किया जाएगा जो ताल नाका में बने उपकेंद्र का भार कम करेगा। इस काम को लेकर टेंडर से लेकर अन्य समस्त प्रक्रिया पूरी होने के बाद काम शुरू करने के लिए प्रारंभिक स्तर पर सर्वे का काम भी शुरू हो गया है।
दीनदयाल उपाध्याय योजना के माध्यम से शासन द्वारा क्षेत्र में ऊर्जा के क्षेत्र में सुविधाओं व क्षमताओं के विस्तार के लिए यह काम 3 करोड़ से अधिक की लागत से पूरा किया जाएगा। इस काम के पूरा होने के बाद ट्रांसफार्मर और विद्युत लाइन के ओवरलोड होने की समस्या का स्थायी समाधान होगा, जिससे बिजली ट्रिपिंग अब नहीं होगी।
क्षमता वृद्धि का काम
विद्युत वितरण कंपनी के डीई एसके सूर्यवंशी ने बताया कि शासन द्वारा दीनदयाल उपाध्याय योजना के तहत क्षेत्र में जनवरी से ही काम शुरू कर दिया है। इसमें ओवरलोडिंग की समस्या का स्थायी हल कर उपभोक्ताओं को सहूलियत प्रदान करने के लिए काम किया जाएगा। 33केवी व 11केवी की लाइन में जहां ट्रांसफार्मर लगे हुए है और ओवरलोड की समस्या है तो विद्युत लाइन जिन पर भी ओवरलोडिंग है। उन क्षेत्रों में काम करते हुए अतिरिक्त ट्रांसफार्मर लगाने के साथ लाइनों की भी क्षमता वृद्धि का काम किया जाएगा। 24 उपकेंद्र है, इन सभी में क्षमता वृद्धि का काम कंपनी द्वारा इस योजना के तहत किया जाएगा। जहां अत्यधिक ओवरलोडिंग की समस्या है, वहां पर अतिरिक्त ट्रांसफार्मर स्थापित किया जाएगा तो लाइनों में भी सुधार कार्य करवाते हुए समस्या का समाधान किया जाएगा।
स्थायी रूप से समाधान
शहर सहित क्षेत्र में हमेशा ही ओवरलोडिंग लाइन व ट्रांसफार्मर के चलते बिजली की ट्रिपिंग की समस्या बनी हुई है। अटल ज्योति अभियान में सिंचाई व घरेलू क्षेत्र में उपभोक्ताओं को बिजली तो हर समय मिल रही है, लेकिन सिंचाई के समय तो अन्य समय में ओवरलोडिंग के कारण अनेक बारट्रांसफार्मरजलने के अलावा अन्य समस्या के कारण बिजली प्रदाय ठप हो जाता है और इससे उपभोक्ताओं को परेशान होना पड़ता है। इसके अलावा ट्रांसफार्मर जलने के बाद उसे उताकर जावरा कंपनी कार्यालय लाकर बदलने के बाद फिर चढ़ाने तक किसानों को भी निजी संसाधन लगाकर मशक्कत करना पड़ती है।
दीनदयाल उपाध्याय योजना का काम पूरा होने के बाद ओवरलोडिंग की समस्या का स्थायी रूप से समाधान होगा। इससे सबसे अधिक लाभ ग्रामीण क्षेत्र के उपभोक्ताओं को होगा, जिन्हें बिजली ट्रिपिंग के साथ ट्रांसफार्मर जावरा लाने ले जाने तक की समस्या से भी दो चार नहीं होना पड़ेगा।
ये होगा लाभ
ओवर लोडिंग की समस्या होगी दूर।
03 करोड़ की लागत।
24 उपकेंद्र में क्षमता वृद्धि होगी।
दीनदयाल उपाध्याय योजना के माध्यम से होगा कार्य।
सेजावता में विद्युत उपकेंद्र स्थापित होगा।
सेजावता में बनेगा उपकेंद्र।
नया विद्युत उपकेंद्र
डीई सूर्यवंशी ने बताया कि कंपनी द्वारा सेजावता में नया विद्युत उपकेंद्र बनाया जाएगा। जहां से ग्रामीण क्षेत्र के उपभोक्ताओं को सुविधा मिलेगी। ताल नाका क्षेत्र में बने हुए उपकेंद्र पर वर्तमान में ग्रामीण क्षेत्र का लोड भी है। ऐसे में कंपनी सेजावता में नया उपकेंद्र बनाकर ताल नाके के इस उपकेंद्र से ग्रामीण क्षेत्र का लोड घटाकर ताल नाका उपकेंद्र को पूरी तरह शहरीय क्षेत्र के लिए करेगी और सेजावता उपकेंद्र से ग्रामीण क्षेत्र में सूचारू सुविधा की जाएगी। इसका काम भी शुरू होगा और सालभर में सेजावता में उपकेंद्र बनकर तैयार हो जाएगा। यहा केंद्र स्थापित होने से क्षेत्र के कई गांवों में ओवरलोडिंग ट्रांसफार्मर के साथ लाइन की समस्या का समाधान होगा।