देवप्रकाश सेवा संस्थान, बाल गृह में महिला सशक्तिकरण के संभागीय दल के निरीक्षण में अनियमितताएं सामने आई हैं। महिला सशक्तिकरण के संभागीय उपसंचालक ने अपनी रिपोर्ट में बाल गृह को निर्धारित मापदंडों के अनुसार नहीं चलना पाया। उन्होंने बाल गृह को बंद करने का प्रस्ताव दिया है। इस संबंध में महिला सशक्तिकरण अधिकारी से जानकारी मांगी है। इधर बाल गृह संचालक का कहना है कि बाल गृह अच्छी तरह से संचालित हो रहा है।

महिला सशक्तिकरण उज्जैन संभाग के दल ने 22 अप्रैल को बाल गृह का निरीक्षण किया था। दल के निरीक्षण के बाद संभागीय उपसंचालक राजेश गुप्ता ने जिला महिला सशक्तिकरण अधिकारी रवींद्र मिश्रा को पत्र जारी किया है। इसमें बाल गृह शासन द्वारा निर्धारित मापदंडों के आधार पर नहीं चलना पाया गया। उन्होंने पास्को एक्ट के मापदंडों के पालन के अभाव में बाल गृह को बंद करना भी प्रस्तावित किया है। उन्होंने रतलाम जिला महिला सशक्तिकरण अधिकारी मिश्रा से बाल गृह के संबंध में विभिन्न जानकारियां मांगी हैं। इनमें वर्ष 2016-17 में किस-किस अधिकारी ने कब-कब केंद्र का निरीक्षण किया उसका प्रतिवेदन देने, 2016-17 में कितना अनुदान संस्था के लिए शासन से मिला है व 2016-17 के लिए जो प्रस्ताव शासन को भेजा गया था उसकी प्रति कार्यालय को उपलब्ध करवाने की जानकारियां मांगी गई है। वहीं बाल गृह संचालक आशीष कपूर का कहना है बाल गृह सर्वसुविधा युक्त है। पहले भी कई बार निरीक्षण हो चुका है। कोई खामी नहीं आई है। पास्को एक्ट का पालन संबंधी जानकारी मांगना समझ से परे है। यह बालिका गृह में लागू होता है। जो जानकारियां मांगी हैं उन्हें दी जाएगी।

जानकारियां मांगी है
हमने बाल गृह का निरीक्षण किया था। इसमें पास्को बाल संरक्षण एक्ट संबंधी कमियां पाई गई हैं। संबंधित अधिकारी से जानकारियां मांगी हैं। राजेश गुप्ता, संभागीय उपसंचालक, उज्जैन

उनके अधिकार क्षेत्र में ही नहीं है
निरीक्षण किया था। कोई कमियां नहीं हैं। बाल गृह बंद नहीं कर सकते हैं। यह इनके अधिकार क्षेत्र में नहीं आता है। रवींद्र मिश्रा, महिला सशक्तिकरण अधिकारी, रतलाम