रतलाम क्षेत्र के ग्राम नौगांवा कला के कृषक भेरूलाल चतुर्भुज धाकड़ ने ग्राम की शासकीय भूमि पर अपनी मेहनत से आम की फसल खड़ी कर दी। उनकी तमन्ना समीप बने पहाड़ी क्षेत्र पर भी फलदार वृक्ष लगाने की है। इस प्रेरक कार्य को कलेक्टर श्रीमती रुचिका चौहान ने सराहा और उनके द्वारा लगाए गए आम के इस बाग में पहुंचकर इसी तरह कार्य करने हेतु प्रेरित किया। इस अवसर पर जिला पंचायत सीईओ श्री सोमेश मिश्रा, वन मंडल अधिकारी डॉक्टर शैलेंद्र कुमार गुप्ता ,अतिरिक्त मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री दिनेश वर्मा एवं संबंधित अधिकारी उपस्थित थे।

ग्राम नौगावां कला के भेरूलाल धाकड़ ने अपने खेत के समीप पड़ी एक हैक्टेयर भूमि पर आम के वृक्ष लगाने की चाहत 2015 -16 में व्यक्त की थी। तब उन्हें 5 लाख 92 हजार की लागत से आम के पौधे मनरेगा के तहत उपलब्ध कराए गए थे। आज यह पौधे बड़े हो गए हैं और इनपर तोतापुरी आम लहरा है रहे हैं। इस सफलता से उत्साहित धाकड़ ने उपरांत इसी के समीप पड़ी एक हैक्टेयर भूमि पर भी आम के पौधे लगाने का विचार व्यक्त किया और वर्ष 2018 में उन्हें 200 पौधे और प्रदान किए गए। हालांकि या पौधे सुरक्षा एवं पानी के अभाव में जीवित नहीं रह सके लेकिन वे चाहते हैं कि इस बार फिर फलदार वृक्ष लगाएं। ताकि यह क्षेत्र हरा भरा हो सके।

कलेक्टर श्रीमती रुचिका चौहान ने धाकड़ की इच्छा को प्रेरणादायी बताते हुए कहा कि यह अच्छा कार्य है और इसको साइंटिफिक टीम के मार्गदर्शन में किया जाए तो इसके और अच्छे परिणाम प्राप्त हो सकते हैं। पौधों के बीच दूरी अधिक रखें और उन्हें अच्छी तरह पानी दे ताकि वे जीवित रहे। उन्होंने जनपद पंचायत सीईओ को निर्देश दिए कि

इन्हें फलदार पौधे उपलब्ध कराए जाएं और इनका एक स्वयं सहायता समूह बनाया जाए। इस समूह में पंचायत और इनकी शेयरिंग रहे ताकि यहां उत्पादित होने वाले फलों को विक्रय कर इनकी आय भी हो सके। जिला पंचायत सीईओ श्री मिश्रा ने सोमवार तक स्वयं सहायता समूह गठित करने के निर्देश जनपद सीईओ को दिए।

डीएफओ डॉ गुप्ता ने बताया कि यदि ये आम के पौधों के आसपास सुरक्षा की दृष्टि से बॉस के पौधे लगाना चाहे तो इन्हें विभाग की बांस मिशन योजना के तहत पौधे प्रदान किए जा सकते हैं और इसमें इन्हें 120 रूपए प्रति पौधा जीवित रहने पर प्रोत्साहन राशि भी प्राप्त हो सकेगी।