हमारे शहर की प्राचीन धार्मिक स्थल त्रिवेणी को नगर निगम 95 लाख की लागत से संवरने जा रही है। इसी हफ्ते इसका काम शुरू होने वाला है। इसमें यहां के कुंड से लेकर मंदिरों तक का जीर्णोद्धार किया जाएगा।

रतलाम शहर के दक्षिण छोर पर स्थित प्राचीन धार्मिक स्थल त्रिवेणी का जीर्णोद्धार करने तैयारी नगर निगम ने पूरी कर ली है। टेंडर जारी होने पर इसका ठेका निर्माण कंपनी पारस पोरवाल ने 95 लाख में लिया है। हफ्तेभर में वर्क ऑर्डर जारी होते ही इसका काम शुरू होगा। इसमें कई जगह से टूट-फूट चुके कुंड का जीर्णोद्धार किया जाना है। नवग्रह मंदिर के साथ यज्ञशाला का भी सौंदर्यीकरण किया जाएगा। यहां बगीचे भी विकसित किए जाएंगे। इसमें फूलदार पौधे लगाए जाएंगे। लोगों के लिए यह घूमने लायक स्थान बनाने के लिए यहां पाथ-वे भी बनाया जाएगा।

त्रिवेणी क्षेत्र का महत्व

 400 साल पुराना वटवृक्ष।

 एक छोटे गंगा कुंड सहित चार कुंड।

 प्रदेश के चार स्थानों में से एक आद्य गुरु शंकराचार्य की प्रतिष्ठा।

 राधाकृष्ण, शंकर, नवग्रह, गणेश मंदिर और शंकर मंदिर।

 65 साल पुरानी यज्ञशाला। त्रिवेणी तट पर 63 महारुद्र यज्ञ हो चुके हैं।

 साधु-संतों के ठहरने के लिए संत निवास।

 12 महीने डोंगरा महाराज ट्रस्ट का अन्न क्षेत्र भी चलता है।

इसी हफ्ते शुरू होगा काम
त्रिवेणी जीर्णोद्धार का काम नगर निगम द्वारा इसी हफ्ते शुरू करवाया जाएगा। ठेका कंपनी तय हो गई है। त्रिवेणी को बेहतर बनाने में और कुछ और भी काम कराने पड़े तो वो भी किए जाएंगे। डाॅ. सुनीता यार्दे, महापौर नगर निगम रतलाम

कुंड का जीर्णोद्धार- प्राचीन त्रिवेणी कुंड कई जगह से टूट चुका है। इसका जीर्णोद्धार और पानी को साफ करने का प्रबंध किए जाएंगे।

मंदिरों को संवारेंगे- नवग्रह मंदिर को उसी पैटर्न पर नया रूप दिया जाएगा। त्रिवेणी क्षेत्र के सभी छोटे-बड़े मंदिरों को नया स्वरूप दिया जाएगा।

पार्किंग- दो व चार पहिया वाहनों के लिए अलग से पार्किंग एरिया बनेगा।

सीसी सड़क- क्षेत्र की सभी सड़कों को पर सीमेंट-कांक्रीट किया जाएगा।

बगीचा- मानव भवन के सामने व यज्ञशाला के साइड वाले बगीचों को विकसित किया जाएगा। इसमें फूलदार पौधों के साथ विभिन्न प्रजातियों के पौधे लगाए जाएंगे। टहलने के लिए पाथ-वे बनेगा।

सुविधाघर- नागरिकों की सुविधा के लिए क्षेत्र में सुविधाघर भी बनेगा।

बिजली-पानी- पूरे त्रिवेणी क्षेत्र में नई एलईडी लाइट लगेगी। शुद्ध पानी भी उपलब्ध कराएंगे।

यज्ञशाला- महारुद्र यज्ञशाला को नए सिरे संवारा जाएगा तथा कुछ अन्य सुविधाएं बढ़ाई जाएंगी।