दो बत्ती स्थित बैंक ऑफ बड़ौदा में बुधवार दोपहर बच्चों की फीस के रुपए जमा करवाने आए एक दवा व्यवसायी की पॉलीथिन की थैली से 35,200 रुपए चोरी हो गए। चोरी की वारदात दोपहर 12.15 से 12.35 बजे के बीच हुई। बैंक के सीसीटीवी कैमरे में दो संदिग्ध युवतियों की पहचान हुई है।
जानकारी के अनुसार लोकेंद्र टॉकीज क्षेत्र निवासी दवा व्यवसायी शैलेष पावेचा परिवार के चार बच्चों की फीस भरने के लिए बुधवार दोपहर पॉलीथिन की थैली में 35,200 रुपए लेकर बैंक ऑफ बड़ौदा गए थे। इस दौरान वे कैश काउंटर पर लाइन में खड़े हुए। तब दो युवतियां आई। एक युवती लाइन में उनके पीछे खड़ी हुई और दूसरी पास ही कुर्सी पर बैठ गई। जब लाइन में पावेचा के आगे दो लोग बचे तब कुर्सी पर बैठी युवती आई और उनके पास आकर खड़ी हो गई। थोड़ी देर बाद दोनों युवतियां बैंक से चली गईं। नंबर आने पर पावेचा ने थैली में हाथ डाला तो रुपए गायब थे। पावेचा ने बैंक मैनेजर को घटना की जानकारी दी। बैंक के सीसीटीवी फुटेज लेकर पावेचा स्टेशन रोड थाने पहुंचे और शिकायत दर्ज करवाई।
फुटेज में चेहरे नहीं दिखे
टीआई अजय सारवान ने बताया सीसीटीवी फुटेज में दोनों युवतियां बैंक से जाते दिखी हैं। पीठ दिखने से उनकी पहचान नहीं हो पाई। कैश काउंटर पर लाइन में खड़ी युवती का चेहरा भी स्पष्ट नहीं है। मुखबिर को लगाया है। शीघ्र युवतियों का पता चल जाएगा।
बैंक में चोरी की तीसरी वारदात
बैंक की दो बत्ती स्थित शाखा में उपभोक्ता के रुपए चोरी होने की दो साल में यह तीसरी वारदात है। 20 अक्टूबर 2013 को रेलवे मेल एक्सप्रेस के ड्राइवर किशोर मोहनराज के बैग से 60 हजार रुपए चोरी हुए थे। इसी तरह 6 जुलाई 2014 को नगर निगम के ठेकेदार नृसिंह तिमन्ना के बैग से एक लाख रुपए चोरी हो गए थे। पुलिस जांच में पता चला था कि बैंक का सीसीटीवी कैमरा पांच महीने से बंद है। तत्कालीन एसपी डॉ. जी.के. पाठक ने बैंक प्रबंधन की लापरवाही पर नाराजगी व्यक्त की थी। बुधवार को चोरी का शिकार हुए दवा व्यवसायी पावेचा ने बताया बगैर काम के बैंक में बैठे लोगों से सिक्योरिटी गार्ड को पूछताछ कर बाहर निकालना चाहिए। अधिकारियों को सीसीटीवी कैमरे के मॉनीटर पर देखकर बैंक की गतिविधियों पर नजर रखना चाहिए।