भाइयों में खूनी संघर्ष : एक की मौत, एक घायल

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रतलाम। दीनदयाल नगर थाना क्षेत्र के बिबड़ौद गांव में बुधवार सुबह करीब नौ बजे जमीन विवाद में दो भाइयों के बीच खूनी संघर्ष हो गया। झ्गड़े में एक युवक की मौत हो गई। इसमें छोटा भाई गंभीर रूप से घायल है, जिसे जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है।

एसआई राजेंद्रङ्क्षसह पंवार ने बताया कि खेत से लौट रहे दो भाई भरत (25) पिता राजाराम लोधा और उसके छोटे भाई शंकर लोधा (22) को ताऊ के लड़के प्रकाश, श्रवण, धर्मेंद्र और रामस्वरूप ने सरिया लाठी से मारपीट की। सूचना पर घायलों को तुरंत जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां घायल भरत की कुछ ही देर में मौत हो गई। जबकि छोटा भाई शंकर इमरजेंसी वार्ड में भर्ती है। पुलिस ने शंकर व उसके चश्मदीद चचेरे भाई सत्यनारायण के बयान पर चारों आरोपी युवकों के खिलाफ हत्या का प्रकरण दर्ज कर मामले में कार्रवाई शुरू कर दी है।

मासूम के सिर से उठा पिता का साया

दूसरे पक्ष के प्रकाश, धर्मेंद व रामस्वरूप के सिर पर भी चोट है। पुलिस इन्हें जिला अस्पताल में लाई है।  छोटी सी बात और परिवार की रंजिश ने परिवार के व्यक्ति की ही जान ले ली। मृतक भरत दो के छोटे बच्चे हैं। इनमें गौरव (3) और मंयक (2) साल का है। उन्हें यह भी पता नहीं कि उनके सिर से पिता का साया उठ गया है और इसके जिम्मेदार भी उन्हीं के काका हैं। वहीं पोते की मौत और पोते के आरोपियों को देखकर बुजुर्ग दंपती के आंसू भी नहीं थम रहे हैं।

ये है रंजिश

मृतक के चचेरे भाई सत्यनारायण लोधा ने बताया कि नंदराम पिता हेमराज, धन्नालाल, राजाराम और जगदीश चार भाई हैं। पिता हेमराज और मां झमकु बाई ने स्वयं के जीवित रहते इनके बीच जमीन का बंटवारा कर दिया है। सभी के पास तीन-तीन बीघा आई है। माता-पिता तीसरे नंबर के बेटे राजाराम के साथ रहते हैं। माता-पिता ने एक बीघा सात बीसवां उनकी जमीन पोते शंकर पिता राजाराम और उसकी मां रामप्यारी बाई के नाम सालभर पहले कर दी। इस जमीन को लेकर बड़े भाई नंदराम विवाद करते हैं। तीन दिन पहले नंदराम की पत्नी कामेरी बाई ससुर हेमराज से मिलने राजाराम के घर गई थी। यह बात राजाराम को उसकी पत्नी कावेरी ने कल बताई। इस पर राजाराम ने भाभी कावेरी के यहां जाकर अपशब्द कहे है कि उन्होंने कोर्ट केस कर रखा है तो उनके दरवाजे क्यों आए और दोबारा वहां आने से इंकार कर दिया था। इस बात पर दोनों परिवार के बीच रंजिश हो गई। राजाराम के पुत्र भरत व शंकर सुबह करीब नौ बजे खेत से सब्जी लेकर बाइक से घर लौट रहे थे। इसी दौरान राममंदिर के कोने पर बैठे प्रकश, श्रवण, धर्मेंद्र और रामस्वरूप ने उनके साथ विवाद किया और सरिये व लाठी से वार कर घायल कर दिया। मारपीट की सूचना पर काका दशरथ सहित अन्य लोग मौके पर पहुंचे और घायलों को अस्पताल पहुंचाया।