इमालवा – रतलाम | पिछले एक पखवाड़े से शहर में घटित हो रही ठगी एवं लूट की वारदातों ने लोगो को दहशत में डाल दिया है | एक के बाद एक हो रही इन वारदातों में शामिल बदमाशों को गिरफ्त में लेना तो ठीक पुलिस इनका कोई सुराग तक नहीं लगा पाई है | वारदात कर रहे बदमाश राह चलते बुजुर्ग महिला – पुरुषों को अपना शिकार बना रहे है | बदमाशो का वारदात का तरीका भी हर बार बदल रहा है |
ठगी की इन वारदातों के बाद पुलिस की कोई प्रभावी कार्यवाही नहीं होने से बदमाशों के होंसले बुलंद है और उन्होंने अक्टोबर महीने के पहले दिन ही एक बार फिर से अपना करतब दिखा कर पुलिस की मुस्तेदी के दावों की पोल खोलकर रख दी है |
ताज़ा वारदात में बदमाशों ने भरी दोपहर को ठगी की एक और वारदात करमदी रोड निवासी निर्मलाबाई पति तुलसीराम ५५ वर्ष के साथ कर दी | बदमाशों ने उन्हें बातों में उलझाकर उनके कानों में पहने सोने के टाप्स उतरवा लिए |
विगत 19 सितम्बर को बदमाशों ने पहली वारदात की थी जिसमे शहर के एक सेवानिवृत शिक्षक के कुरते पर गंदगी डालकर एक लाख रुपये की चपत लगाईं थी | बदमाशों ने वेद व्यास कालोनी निवासी सेवानिवृत शिक्षक राधाकिशन तिवारी को उस समय अपना शिकार बनाया था जब वें एसबीआई की कलेक्टोरेट शाखा से एक लाख दस हजार रुपए निकालकर घर लौट रहे थे। वे बैंक से रुपए निकालने के बाद टाटा मैजिक वाहन में बैठकर शहर सराय तक पहुंचे थे और यहां से पैदल वेदव्यास कालोनी स्थित अपने घर जा रहे थे। रुपए की थैली उन्होने अपनी बगल में दबा रखी थी। आबकारी चौराहे के पास एक युवक ने उनके कुर्ते पर गंदगी डाल दी और फिर उन्हे गंदगी लगी होना बताकर सामने स्थित एक होटल पर चलकर साफ करने के लिए कहा। इसी दौरान उनके रुपये गायब कर बदमाश फरार हो गए थे |
इसी तरह की एक अन्य घटना विगत 26 सितम्बर को हुई थी इसमें बदमाशों ने छत्रीपुल स्थित प्रिंस प्लाजा निवासी 75 वर्षीय एक बुजुर्ग महिला रमाकांता नांदेचा को चकमा देकर उसके कानों में पहने सोने के टाप्स और सोने की चैन उतरवा ली थी | बदमाशों ने पुलिस अधिकारी बनकर महिला को झांसे में लिया था |
इसी तरह की एक अन्य घटना में बदमाशों ने खाचरौद तहसील के निवासी 80 वर्षीय घासीराम नामक बुजुर्ग को अपना शिकार बनाया था | इस वारदात में बदमाशों ने गीता मंदिर रोड पर बुजुर्ग घासीराम को भी पुलिस जवान बनकर ठगा था |वारदाते होने का भय दिखाकर बदमाशों ने उनसे दो सोने की अंगूठियाँ और एक सोने की चैन हड़प ली थी |
पुलिस की सुस्ती और बदमाशों की चुस्ती को लेकर आम लोगों में भय मिश्रित आक्रोश पनपने लगा है |