सिंहस्थ के दौरान उज्जैन में जब भीड़ ज्यादा हो जाएगी तब रतलाम जिले में श्रद्धालुओं को रोक दिया जाएगा। एक समय में हजारों लोगों को रतलाम में रोके जाने पर उनके लिए पार्किंग, ठहराव का स्थान, पानी-भोजन आदि का प्रबंध प्रशासन ही करेगा। उज्जैन में तैयार होने वाले सेटेलाइट टाउन की तर्ज पर जिले में 7 स्थानों पर सेटेलाइट टाउन बनाए जाएंगे। जिले के छोटे रेलवे स्टेशन पर भी अतिरिक्त व्यवस्थाएं की जाएंगी।
सोमवार को कलेक्टर बी. चंद्रशेखर और एसपी अविनाश शर्मा ने रेलवे, नगर निगम, पंचायत, बिजली कंपनी सहित अन्य विभागों के अधिकारियों के साथ बैठक कर सिंहस्थ के दौरान की जाने वाली व्यवस्थाओं पर चर्चा की। शाम 6 बजे कलेक्टर कार्यालय के वीडियो कॉन्फ्रेंस हॉल में हुई यह बैठक करीब 1 घंटे तक चली। बैठक के दौरान कलेक्टर और एसपी ने सभी एसडीएम और थाना प्रभारियों को निर्देश दिए कि वे उज्जैन जिले की सीमा में पड़ने वाले क्षेत्रों पर सेटेलाइट टाउन बनाने के लिए जगह चिह्नित करें। सेटेलाइट टाउन पर की जाने वाली व्यवस्थाओं का खाका तैयार करें। थाना प्रभारियों और एसडीएम द्वारा तैयार प्रतिवेदन पर अगले सप्ताह बैठक होगी।
ऐसी रहेगी सिंहस्थ की तैयारी
स्नान पर्व के दौरान जिले की सीमा में कहीं भी यातायात रोकना पड़ सकता है।
इसके लिए पिपलौदा, ढोढर, सरवन, बिलपांक, बड़ावदा रोड और आलोट में अस्थायी व्यवस्था की जाएगी।
सभी 7 स्थानों पर शौचालय, छाया, पानी, खाद्य सामग्री, पब्लिक एनाउंसमेंट और सुरक्षा के प्रबंध किए जाएंगे।
सेटेलाइट टाउन पर यात्री सुविधाओं के लिए समाजसेवी संस्थाओं को भी जोड़ा जाएगा।
उज्जैन पहुंचने वाली ट्रेनों को रोकने के लिए नामली, बांगरोद सहित 2 अन्य स्टेशनों पर भी अतिरिक्त इंतजाम होंगे।
आवश्यक तैयारियों पर चर्चा
सिंहस्थ के दौरान यात्रियों को यदि रतलाम जिले में रोकना पड़ा तो उनके लिए आवश्यक व्यवस्थाएं करना होंगी। इन्हीं की तैयारियों के लिए बैठक बुलाई थी। विस्तृत प्लान पर फिर से चर्चा करेंगे। बी. चंद्रशेखर, कलेक्टर
उज्जैन जिले और राजस्थान, गुजरात की सीमा से सटे क्षेत्रों में हमें सुरक्षा व्यवस्था के इंतजाम करने हैं। भीड़ प्रबंधन भी चुनौती होगी, थाना प्रभारियों को क्षेत्र की व्यवस्थाओं का खाका तैयार करने का कहा है। अविनाश शर्मा, एसपी