मतदाता सूची में अधिकाधिक नवीन पात्र युवाओं के नाम जोड़े जाएं। सुपरवाइजर अपने बूथ लेवल अधिकारी के कार्य पर बारीकी से नजर रखते हुए देखें कि त्रुटिविहीन मतदाता सूची तैयार हो। जहां गलती दिखे दुरूस्त करवाए। यह निर्देश कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी श्रीमती रुचिका चौहान ने आज जिले के उन सुपरवाईजर्स की बैठक में दिए जो बूथ लेवल अधिकारियों की मानिटरिंग के लिए नियुक्त किए गए हैं। बैठक में अपर कलेक्टर श्री जितेंद्र सिंह चौहान, उप जिला निर्वाचन अधिकारी श्री प्रवीण कुमार फुलपगारे तथा लगभग सवा सौ सुपरवाइजर उपस्थित थे।
बैठक में सुपरवाइजर्स को प्री-रिवीजन गतिविधियों के बारे में समझाया गया। कलेक्टर ने जिले में बनाए गए कैम्पस एम्बेसडर विद्यार्थियों से कहा कि वे उत्साह के साथ मतदाता सूची में नवीन पात्र युवाओं को जोड़ने का कार्य करें जो केंपस एंबेसेडर कार्य में रुचि नहीं ले रहे हैं। उनके स्थान पर अन्य विद्यार्थियों को एंबेसडर बनाया जाएगा। उप जिला निर्वाचन अधिकारी श्री फुलपगारे ने बताया कि अब कोई भी व्यक्ति जान सकता है कि उसका नाम मतदाता सूची में है अथवा नहीं। इसके लिए निर्वाचन आयोग द्वारा टोल फ्री नंबर 1950 पर यह सेवा उपलब्ध करायी जाने वाली है। कलेक्टर ने बैठक में कहां कि जिले की मतदाता सूची में जिन बीएलओ द्वारा स्वविवेक से कार्य किया गया है। वहां की सूची बेहतर रूप से तैयार हुई है। बीएलओ को अपने बूथ क्षेत्र की शत-प्रतिशत जानकारी होना चाहिए। शहरी क्षेत्रों में इसके लिए अतिरिक्त प्रयासों की आवश्यकता है। प्रत्येक सुपरवाइजर अपने बीएलओ के साथ बैठक करें। सहायक निर्वाचन अधिकारीगण भी इस कार्य की नियमित मॉनिटरिंग करें। जिले के रतलाम, जावरा, आलोट जैसे शहरी क्षेत्रों में महिला वोटर्स के नाम अपेक्षा अनुरूप मतदाता सूची में नहीं जोड़े गए हैं। इसके लिए पूर्ण मनोयोग के साथ इन क्षेत्रों में काम किए जाने की आवश्यकता है।
बैठक में बताया गया कि आयोग के निर्देशानुसार निर्वाचक नामावली अपडेशन कार्य के अंतर्गत बीएलओ को 0 संख्या वाले मकानों को भी वैकल्पिक नंबर देना है। इसके तहत किसी कॉलोनी में मकानों की नंबर सीरीज के अंतिम नंबर के पश्चात वाले नंबर को उन मकानों को देना है जिनकी कोई संख्या नहीं है। इसी तरह दो ऐसे मकान जिनके नंबर है परंतु उन दोनों मकानों के मध्य के नंबर विहीन मकान को बटे में नंबर देना है। बैठक में कई अन्य त्रुटियों की और भी सुपरवाइजर्स का ध्यान आकर्षित किया गया जिनको आयोग के निर्देशानुसार सुधारा जा सकता है।