कलाप्रेमियों के लिए आकर्षक, सजावटपूर्ण हाथों से बनी प्रदेशभर की सामग्री के प्रदर्शन और विक्रय आयोजन 22 दिसंबर से किया जा रहा है। संत रविदास म.प्र. हस्तशिल्प एवं हाथकरघा विकास निगम लिमीटेड म.प्र. शासन प्रतिवर्ष रतलाम के रोटरी क्लब हाल, अजंता टाकीज रोड में कलाप्रेमियों के लिए यह आयोजन करता है। इस बार भी यह आयोजन 22 दिसंबर से प्रारंभ हो रहा है। हस्तशिल्प मेले का शुभारंभ आज संध्या 5 बजे होगा।
इस बारे में जानकारी देते हुए मेला प्रभारी दिलीप सोनी ने बताया कि इस बार प्रदेश के लगभग 60 शिल्पी मेले में अपनी कला का प्रदर्शन करने आ रहे है। लगभग 2000 प्रकार की विभिन्न सामग्री रोटरी हाल में एक ही छत के नीचे मिलेगी। जिसमें मध्यप्रदेश के दूरदराज क्षेत्रों में रहने वाले शिल्पी अपने हाथों से बनी सामग्री का विक्रय एवं प्रदर्शन करने रतलाम आ रहे हैं। यह सभी कलाकार परम्परागत कलात्मक सामग्री बनाते रहे हैं। प्रदेश के विभिन्न भागों में प्रख्यात रही पुरानी और अदभुत सामग्री विदेशों में खासी पसंद की जा रही है। ऐसी विभिन्न प्रकार की लगभग 60 से ज्यादा शिल्पकार अपनी कला और सामग्री को रतलाम की कला प्रेमी जनता के लिए रोटरी हाल में ला रहे हैं। मेला प्रभारी श्री दिलीप सोनी ने बताया कि संत रविदास मप्र हस्तशिल्प एवं हाथकरघा विकास निगम लिमीटेड मप्र शासन प्रदेश के सिद्धहस्त कलाकारों को बाजार उपलब्ध कराने और उत्पाद के विक्रय के लिए रतलाम के कलाप्रेमियों के बीच में लेकर आ रहा है। अपनी-अपनी कला में महारथ प्राप्त यह कलाकार देश में संचालित मृगनयनी की विशाल श्रृंखला पर अपने उत्पाद उपलब्ध कराते हैं। रतलाम जिले के निवासियों का कला के प्रति विशेष रूझान देखते हुए रोटरी हाल में 22 दिसंबर 2018 से 31 दिसंबर 2018 तक विशाल मेला-प्रदर्शनी का आयोजन किया गया है। श्री सोनी ने बताया कि रतलाम के लोग दूरदराज से आने वाले कलाकारां की प्रतिभा को प्रोत्साहित करते हैं। विभिन्न कला में पारंगत यह कलाकार निगम द्वारा उत्पाद के बेहतर प्रदर्शन के अवसर में शामिल होते हैं। इसमें महिलाएं शिल्पकार भी अपनी सामग्री लेकर आती है।
रौटरी हाल में आयोजित मेले में प्रमुख रूप से ग्वालियर का ग्लास वर्क, चंदेरी की विश्व प्रसिद्ध साड़ियां, सूट, धार जिले की बाग प्रिंट की सामग्री, भोपाल का बांस फर्नीचर, जरी-जरदोजी वर्क, लेदर की जूतिया, जूट के झूले, झाबुआ की आदिवासी गुड़िया, पडाना का हेंडलूम बेड कवर, इंदौर का लेदर शिल्प, देवास के लेदर बेग्स, जबलपुर की अर्टिफिशियल ज्वैलरी, महेश्वर के साड़िया-सूट, उज्जैन का भैरवगढ़ प्रिंट, नीमच-तारापुर का दाबू प्रिंट उपलब्ध होगी। श्री सोनी ने नगर के सभी प्रेमियों को मेले में आमंत्रित किया है। उन्होंने बताया कि यह मेला गुणवत्तापूर्ण सामग्री से परिपूर्ण है। आम लोगों के लिए निःशुल्क तथा सुबह 11 से रात 9 बजे तक खुला है।