बुधवार से ओवल के मैदान पर शुरू होने जा रहा है इंग्लैड और ऑस्ट्रेलिया के बीच एशेज सीरीज का पांचवां और आखिरी टेस्ट मैच। सीरीज का नतीजा जरूर तय हो चुका है, लेकिन कई वजहों से ये 5वां मैच है दोनों टीमों के लिए बेहद खास।शुरू होने जा रही है एशेज़ की आखिरी लड़ाई, सीरीज का फैसला पहले ही हो चुका है। लेकिन बावजूद इसके ओवल के ऐताहासिक मैदान पर 5वें और आखिरी टे… 
बुधवार से ओवल के मैदान पर शुरू होने जा रहा है इंग्लैड और ऑस्ट्रेलिया के बीच एशेज सीरीज का पांचवां और आखिरी टेस्ट मैच। सीरीज का नतीजा जरूर तय हो चुका है, लेकिन कई वजहों से ये 5वां मैच है दोनों टीमों के लिए बेहद खास।शुरू होने जा रही है एशेज़ की आखिरी लड़ाई, सीरीज का फैसला पहले ही हो चुका है। लेकिन बावजूद इसके ओवल के ऐताहासिक मैदान पर 5वें और आखिरी टेस्ट में दोनों टीमों के लिए बहुत कुछ है दांव पर।इतिहास रचेगी कुक की सेना5 टेस्ट मैचों की सीरीज में पहले ही 3-0 से आगे चल रही इंग्लिश टीम पहले ही एशेज़ पर कब्ज़ा जमा चुकी है, लेकिन अब बारी है इतिहास बदलने की। इंग्लैंड अगर एशेज़ की ये आखिरी लड़ाई जीत जाता है, तो कुक की सेना एशोज़ में घर पर 4 टेस्ट मैच जीतने वाली पहली टीम बनेगी। बल्लेबाज़ी में बेल(4 टेस्ट 500 रन) पीटरसन(4 टेस्ट 276 रन) जो रूट (260 रन) तो गेंदबाज़ी में स्वॉन(23 विकेट), ब्रॉड(17 विकेट) एंडरसन(17 विकेट) की फॉर्म पर सवार अंग्रेज ये इतिहस रचने को तैयार नजर आते हैं। हालांकि बल्ले और गेंद से इन फॉर्म ब्रेसनन के चोटिल होने से कुक की परेशानी जरूर बडी होगी। लेकिन ओवल के मैदान पर 35 में से 16 टेस्ट जीत चुका मेजबान कंगारूओं के ताबूत(6जीत,13 ड्रॉ) में आखिरी कील ठोंकने का कोई मौका नही छोड़ेगा। वैसे भी दो महीने बाद नवंबर में ऑस्ट्रेलिया में फिर शूरू होने जा रही एशेज़ से पहले कुक की टीम नहीं चाहेगी कि कंगारूओं को कमबैक का कोई मौका दिया जाए।कंगारू बचाएंगे लाज!पिछले 8 टेस्ट मैचों में 7 टेस्ट हार चुके कंगारूओं के लिए ये आखिरी टेस्ट नाक की लड़ाई है। अगर यहां भी ऑस्ट्रेलियाई टीम फिसल जाती है तो 1977 के बाद कलार्क की टीम ऐसी पहली टीम होगी जो बिना जीत के घर लौटेगी। क्लार्क की टीम में कंसिस्टेंसी की कमी कंगारूओं को इस कलंक के बेहद करीब ले आई है। क्लार्क(4 टेस्ट 346 रन) और रोजर(4 टेस्ट 344 रन) स्कोर कर रहे हैं। हैरिस( 3 मैच 20 विकेट) और सिडल( 4 मैच17 विकेट) विकेटों की झड़ी लगा रहे हैं, लेकिन साथ देने वालों की कमी टीम को भारी पड रही है। बल्लेबाज़ी को मजबूत करने के लिए क्लार्क रिजर्व विकेटकीपर मैथ्यू वेड को खवाजा की जगह टीम में स्पेशलिस्ट बल्लेबाज के तौर पर खिलाकर आखिरी चाल चल सकते हैं। लेकिन बावजूद इसके ऑस्ट्रेलिया के लिए ओवल किसी अग्निपथ से कम नहीं रहने वाला।