क्रिकेट के मैदान पर अगली चुनौती का सामना करने के लिए टीम इंडिया के पास यूं तो लगभग दो महीने का वक़्त है, लेकिन कप्तान धोनी अभी भी चैन से नहीं बैठे हैं, वो तो लगे हैं होम सीरीज़ में कंगारुओं का सफ़ाया करने का प्लान बनाने में।टीम के कप्तान महेंद्र सिंह धोनी आजकल ले रहे हैं छुट्टियों के मज़े, लेकिन आराम के दिनों में भी धोनी के दिमाग में छाया है मिशन ऑ… ऑस्‍ट्रेलियाई टीम को धूल चटाने की योजना बना रहे धोनी

क्रिकेट के मैदान पर अगली चुनौती का सामना करने के लिए टीम इंडिया के पास यूं तो लगभग दो महीने का वक़्त है, लेकिन कप्तान धोनी अभी भी चैन से नहीं बैठे हैं, वो तो लगे हैं होम सीरीज़ में कंगारुओं का सफ़ाया करने का प्लान बनाने में।टीम के कप्तान महेंद्र सिंह धोनी आजकल ले रहे हैं छुट्टियों के मज़े, लेकिन आराम के दिनों में भी धोनी के दिमाग में छाया है मिशन ऑस्ट्रेलिया। दरअसल पिछले साल पहले टेस्ट और फिर सीबी सीरीज़ में कंगारुओं के हाथों मिली हार की टीस माही को आज भी सता रही है। इसीलिए तो आराम के दिनों में भी धोनी बना रहे हैं कंगारूओं को धूल चटाने का प्लान।दरअसल, टीम इंडिया को खेलनी है अक्तूबर नवंबर के महीने में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ़ 7 मैचों की वन-डे सीरीज। हाल में टेस्ट में कंगारूओं का 4-0 से सफाया करके पिछले साल डाउन अंडर में मिले क्लीन स्वीप का बदला पूरा करने के बाद अब धोनी हैं तैयार वन-डे में भी ऑस्ट्रेलिया को मटियामेट करने के लिए और इस बार हार के पुराने इतिहास को बदलने के लिए माही कर रहे हैं पूरी तैयारी।धोनी कहते है, ‘ऑस्ट्रेलिया इंडिया में आ रही है जो बहुत अहम है और हमने ऑस्ट्रेलिया के ख़िलाफ़ अच्छा प्रदर्शन नहीं है। हम कोशिश करेंगे कि हम अच्छा करें।’हालांकि कंगारुओं के ख़िलाफ़ टीम इंडिया की अग्निपरीक्षा 10 अक्टूबर को इकलौते टी-20 मुक़ाबले से शुरू होगी। इसके बाद धोनी की सेना ऑस्ट्रेलिया के ख़िलाफ़ 7 वनडे मुक़ाबले खेलेगी। माही के दिमाग में मिशन ऑस्ट्रेलिया किस कदर छाया है अंदाज इसी बात से लगाया जा सकता है कि अक्तूबर नवंबर में पड़ने वाली ड्यू फैकटर को कैसे काउंटर करना है इस पर भी माही बना रहे हैं अचूक प्लान।एक सवाल के जवाब में धोनी बताते हैं कि वो डियू वाला टाइम होता और टॉस अहम हो जाता है। तो माही कंगारूओं को कुचलने के लिए धोनी गेम प्लान भी तैयार कर चुके हैं। उनकी कप्तानी में टीम इंडिया जिस तरह से कामयाबी के झंडे गाड़ती आई है उसके यही लगता है कि इस बार कंगारुओं का होगा काम तमाम और पिछले साल सीबी सीरीज़ में मिली हार का बदला होगा पूरा।

By parshv