आस्ट्रेलिया के खिलाफ खेले जा रहे तीसरे टेस्ट मैच में भारत को मजबूत स्थिति में पहुंचाने वाले चेतेश्वर पुजारा ने भारत की पहली पारी में 202 रनों की मैराथान पारी खेल कई रिकार्ड अपने नाम करते हुए राहुल द्रविड़ और सुनील गावस्कर को पीछे छोड़ दिया.
पुजारा ने इस मैच में रिद्धिमान साहा (117) के साथ सातवें विकेट के लिए 199 और मुरली विजय (82) के साथ दूसरे विकेट के लिए 102 रनों की साझेदारी कर भारत को अहम बढ़त दिलाई.

पुजारा ने अपने इस दोहरे शतक में 525 गेंदें खेलीं और इसी के साथ उन्होंने भारत की तरफ से सबसे लंबी पारी खेलने का रिकार्ड भी अपने नाम कर लिया. इससे पहले यह रिकार्ड द्रविड़ के नाम था. उन्होंने अप्रैल 2004 में पाकिस्तान के खिलाफ रावलपिंडी में 495 गेंदों में 270 रनों का पारी खेली थी.

पुजारा ने इस मैच के दूसरे दिन क्रिज पर कदम रखा था और तीसरे दिन पूरे समय बल्लेबाजी की थी. वह चौथे दिन रविवार को तीसरे सत्र में आउट हुए.

शानदार फॉर्म में चल रहे पुजारा का यह इस सत्र में सातवां शतक था. वह एक सत्र में सबसे ज्यादा शतक लगाने वाले भारतीय बल्लेबाजों की सूची में गावस्कर और मंसूर अली खान पटौदी के साथ संयुक्त रूप से दूसरे स्थान पर आ गए हैं. एक सत्र में सबसे ज्यादा शतक लगाने वाले भारतीय बल्लेबाज का रिकार्ड वीवीएस लक्ष्मण के नाम है. उन्होंने एक सत्र में कुल आठ शतक जड़े थे.

पुजारा का यह आस्ट्रेलिया के खिलाफ दूसरा दोहरा शतक है. वह आस्ट्रेलिया के खिलाफ सबसे ज्यादा दोहरे शतक लगाने वाले खिलाड़ियों की सूची में सचिन तेंदुलकर, लक्ष्मण, ग्रैम पॉलक के साथ संयुक्त रूप से तीसरे स्थान पर आ गए हैं. इन सभी बल्लेबाजों ने आस्ट्रेलिया के खिलाफ दो-दो दोहरे शतक लगाए हैं. हैममोंड ने आस्ट्रेलिया के खिलाफ चार और ब्रायन लारा ने तीन दोहरे शतक जड़े हैं.

यह पुजारा का प्रथम श्रेणी क्रिकेट में 11वां दोहरा शतक था. वह प्रथम श्रेणी क्रिकेट में सबसे ज्यादा दोहरे शतक लगाने वाले भारतीय बल्लेबाज बन गए हैं. उन्होंने इस मामले में गावस्कर, विजय मर्चेट, विजय हजारे और द्रविड़ को पीछे छोड़ा है.

पुजारा ने साहा के साथ सातवें विकेट के लिए 199 रनों की साझेदारी भी की जो भारत के लिए आस्ट्रेलिया के खिलाफ इस विकेट के लिए सबसे बड़ी साझेदारी भी है. साहा ने इस मैच में 117 रनों की पारी खेली, यह उनका तीसरा शतक था. साहा टेस्ट क्रिकेट में सबसे ज्यादा शतक लगाने वाले दूसरे भारतीय विकेटकीपर बन गए हैं. उनसे आगे भारतीय टीम के पूर्व कप्तान महेंद्र सिंह धौैनी हैं. धौनी के नाम छह शतक हैं.