दिल्ली हाईकोर्ट के फैसले के बाद अब सोशल नेटवर्किंग साइट फेसबुक और एपलिकेशन व्हाट्सएप के यूजर्स का डाटा शेयर कर सकेंगे लेकिन इस फैसले से दोनों के यूजर्स और एक्सपर्ट इसे प्राइवेसी के लिए खतरा मांग रहे हैं.

लोगों की प्राइवेसी को खतरा
देश में फेसबुक और व्हाट्सएप यूजर्स की कोई कमी नहीं है. इनकी संख्या में लगातार बढ़ोतरी हो रही है. व्हाट्सएप की नई नीती के मुताबिक अब वो अपना डाटा फेसबुक के साथ शेयर कर सकती है. इस नीती पर हाईकोर्ट ने भी मुहर लगी दी है लेकिन क्या इस नीती से यूजर्स की प्राइवेसी को खतरा है? इस सवाल पर एक्सपर्ट का कहना है कि इससे एक बड़ा खतरा है जो आने वाले समय में लोगों को परेशान कर सकता है.

यूजर्स को हो सकती है परेशानी
साइबर एक्सपर्ट पवन दुग्गल की मानें तो इस नीति से जो लोग व्हाट्सएप यूज कर रहे हैं, उनके लिए परेशानी जरूर बढ़ेगी क्योंकि इससे अपका मोबाइल नंबर, आपके मैसेज और आपके द्वारा भेजा गया वीडियो या और कोई डिटेल शेयर होगी, जो आगे चल के परेशानी बन सकती है.

यूजर्स की राय
फेसबुक ने साल 2014 में व्हाट्सएप को खरीदा था क्योंकि व्हाट्सएप के यूजर्स की संख्या लगातार बढ़ रही है. दोनों के कई कॉमन यूजर्स भी हैं लेकिन कुछ एसे लोग भी हैं जो दोनों में से सिर्फ एक का इस्तेमाल करते हैं या जो दोनों का इसतेमाल भी करते हैं तो अलग-अलग मकसद से. फेसबुक जहां सोशल नेटवर्किंग का माध्यम है, तो वहीं व्हाट्सएप निजी इस्तेमाल के लिए है. ऐसे में अगर दोनों का डाटा आपस में साझा होगा तो यूजर्स उसे गलत मानते हैं

लोगों के नजरिए में है गलत
फेसबुक और व्हाट्सएस दोनों का इस्तेमाल कर रही स्टूडेंट का कहना है कि ये गलत है क्योंकि अगर मेरे व्हाट्सएप के मैसेज फेसबुक पर शेयर होंगे तो उनकी प्राइवसी लीक हो सकती है.

एक्सपर्ट की सलाह- सरकार उठाए कदम
कंपनियां इसमें अपना बड़ा फायदा देख रही हैं क्योंकि इससे वो अपना डाटा बेस बढ़ा सकती हैं. भारत फेसबुक और व्हाट्सएस दोनों के लिए एक बड़ा बाजार है, ऐसे में एक्सपर्ट्स की राय है कि इसमें सरकार को कड़ा कदम उठाने की जरूरत है वरना आगे चलकर ये एक खतरा बन सकता है .

By parshv