फेसबुक के जरिए ‘डिगमाइन’ कर रहा साइबर हमला

0

सैन फ्रांसिस्को । मई 2017 में वानाक्राई की तरह ही ‘डिगमाइन’ मालवेयर ने डिजिटल मुद्रा को अवैध रूप से संग्रहीत करने के लिए सायबर हमला कर दिया है। दक्षिण कोरिया में पहली बार देखा गया यह मालवेयर फेसबुक मैसेंजर के जरिए विएतनाम, अजरबैजान, यूक्रेन, फिलीपींस, थाईलैंड और वेनेजुएला भी पहुंच गया है।

क्या है डिगमाइन?
मालवेयर कंप्यूटर वायरस की तरह ही यह एक दोषपूर्ण सॉफ्टवेयर है। डिगमाइन क्रोम ब्राउजर से चलाए जाने वाले फेसबुक मैसेंजर को अपनी चपेट में ले रहा है। इसकी मदद से सायबर अपराधी फेसबुक अकाउंट को भी हैक कर सकते हैं। वीडियो फाइल की तरह डिजाइन किए गए ‘डिगमाइन’ को टोक्यो स्थित ट्रेंड माइक्रो नामक सायबर सुरक्षा कंपनी ने खोजा है। उसने सतर्क किया है कि तेजी से फैल रहा यह मालवेयर जल्द अन्य देशों में भी पहुंच सकता है।

कैसे काम करता है डिगमाइन?
डिगमैन को यूजर के चैट में भेजा जा रहा है जिसपर क्लिक करते ही क्रोम एक्सटेंशन डाउनलोड हो जाता है। सामान्य तौर पर ‘क्रोम वेब स्टोर’ से ही इसे डाउनलोड किया जा सकता है। ‘मोनेरो’ नामक डिजिटल करेंसी को जमा करने के लिए बना गया यह नकली सॉफ्टवेयर अपडेट होकर लंबे समय तक सिस्टम में रह सकता है।

साइबर सुरक्षा के लिए बन सकता है बड़ी मुसीबत
ट्रेंड माइक्रो का कहना है कि हाल ही में डिजिटल करेंसी के शोधन की तरफ हैकर्स की रुचि बढ़ी है जिस कारण इस तरह के मालवेयर बनाए जा रहे हैं। हालांकि वेब ब्राउजर के अतिरिक्त यह अन्य तरीकों से यूज किए जा रहे मैसेंजर को नुकसान नहीं पहुंचा रहा है लेकिन आगे चलकर यह सायबर सुरक्षा के क्षेत्र में बड़ी मुसीबत खड़ी कर सकता है।