गैर-बैंकिंग वित्तीय कंपनियों (NBFC) की तरफ से स्वर्ण आभूषण के बदले दिए जाने वाले कर्ज (Gold loan) में जुलाई के दौरान 68.5 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई। भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने सोमवार को यह जानकारी दी। आरबीआई के आवधिक आंकड़ों के मुताबिक, कीमती धातुओं के बदले कर्ज का वितरण पिछले कई महीनों से ऊंचे स्तर पर बना हुआ है। स्वर्ण ऋण खंड में जून में 69.3 प्रतिशत की वृद्धि हुई थी, जबकि जुलाई, 2025 में इसमें 43.9 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई थी। पिछली कुछ तिमाहियों में सोने की कीमतों में तेज बढ़ोतरी से समूचे ऋण परिदृश्य में इस खंड को लेकर भरोसा बढ़ा है।

ऊंची कीमत वाले सोने के बदले कर्ज देने में बेहतर रिटर्न मिलता है और इसके साथ भावनात्मक मूल्य भी जुड़ा होता है। हालांकि, परिसंपत्ति निर्माण से हटकर उपभोग संबंधी खर्चों के लिए कर्ज लेने की बढ़ती प्रवृत्ति पर चिंता भी जताई जा रही है। आंकड़ों के मुताबिक, टिकाऊ उपभोक्ता वस्तुओं की खरीद के लिए दिए जाने वाले ऋण की वृद्धि जुलाई में बढ़कर 51.5 प्रतिशत हो गई, जो जून में 46.8 प्रतिशत और जुलाई, 2025 में 18.8 प्रतिशत थी।

आरबीआई ने कहा कि आवास ऋण खंड में, जिसमें आवास वित्त कंपनियां भी शामिल हैं, जुलाई, 2026 में सालाना आधार पर 11.9 प्रतिशत की वृद्धि हुई। जून में यह 11.4 प्रतिशत और जुलाई, 2025 में चार प्रतिशत रही थी। एनबीएफसी के वाहन ऋण खंड में पिछले महीने 15.1 प्रतिशत की वृद्धि हुई, जबकि जून में यह 15.2 प्रतिशत और जुलाई, 2025 में 15.3 प्रतिशत थी।

एनबीएफसी और आवास वित्त कंपनियों को मिलाकर खुदरा ऋण में जुलाई, 2026 के दौरान 21.4 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई। केंद्रीय बैंक ने कहा कि सेवा क्षेत्र को दिए जाने वाले ऋण की वृद्धि जुलाई में घटकर 15.2 प्रतिशत रह गई, जो जुलाई, 2025 में 24.5 प्रतिशत और इस साल जून में 17.6 प्रतिशत थी। आरबीआई ने कहा कि उद्योग क्षेत्र को दिए जाने वाले ऋण में जुलाई, 2026 में 7.4 प्रतिशत की वृद्धि हुई। यह जुलाई, 2025 के 9.3 प्रतिशत से कम लेकिन इस साल जून के 6.7 प्रतिशत से अधिक थी।

By parshv

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